तू सही फरमईलू भउजी|…..
संता पहली बार गांव गइल | बस से उतरल ही मिट्टी हाथ में उठाके बोलल गांव की मिट्टी मे खुशबू वे अलग होत ह | बंता बोलल : पागल ठीक से सूंघ उ मिट्टी न गोबर ह |
एक लइका रास्ता में चलत - चलत गिर गयल गधा के सामने गिर गयल ।
तबय उही वक्त वहा से रास्ता में एक लड़की जा रहत रहल, उ लइका के छेड़त कहलय , अपने बड़का भाईया के आशीर्वाद लेत हवा का ?
तपाक से लइका जवाब दहलय, तू सही फरमईलू भउजी|
प्रेमिका के घर आयल प्रेमी कहलय : तुहार नौकर त बहुत कामकाजी बा। शादी के बाद हम एके अपने साथ रखब।
प्रेमिकाः फिर तु का करबा ?




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