एक कंजूस की पत्नी बीमार रहल
एक कंजूस की पत्नी बीमार रहल, बिजली ना होईले क वजह से उ मोमबत्ती जला दहल अउर बोलल - डॉक्टर के लेवे जातहई, अगर तुहें लगे की तु ना बचबू त मोमबत्ती बुझा दिहा।
टीचर : छात्रनसे पूछल, आज आप सब क्रिकेट मैच पे निबंध लिखबा |
संता ने लिखल: बारिश के चलत मैच रद्द।
पति - इ जीवन से हम तंग आ गईल हई! हे प्रभु हमय उठा ला। पत्नी - न भगवान , हमरे पति से पहिले i हमय उठा लेई|
पति - हे प्रभु , हम अब अपन मर्जी वापिस लेत हई , तू एकर सुन ला।
पत्नी ( पति से बोलल ) - आप हमय हमार नाम लेके मत पुकारात करी, यह से लईको नाम लेके पुकारत ह।
पति ( गुस्से से बोलल ) - त का लईकन के तरह ममी कहके पुकारी ?
भिखारी : साहब , 10 रुपये दे दा काफ़ी पिए के बा| साहब : 1 काफ़ी त 5 रुपये के आवेले |
भिखारी : साहब , साथ में गर्लफ्रेंड भी बा | साहब : भिखारी हो के भी गर्लफ्रेंड बना लीहलास|
भिखारी : न साहब गर्लफ्रेंड भिखारी बना दिहलास|
प्रेमी शादी के खिलाफ रहल अउर अपने प्रेमिका से कुछ यूं समझा रहल ह, ‘ प्रेम शराब पियले के समान बा, शादी अगली सुबह क सरदर्द अउर तलाक नामा की पुड़िया। ‘




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