काश हम अपनी मां की राय मान लहले होती अउर तुसे शादी न कईले होती।
पति-पत्नी में झगडा होत रहल ह पत्नी सुस्कत बोलल - काश हम अपनी मां की राय मान लहले होती अउर तुसे शादी न कईले होती।
पति - का …. ? तुहार मतलब की तुहार माई तुहें हम से शादी न करेके राय देत रहली ?
पत्नी - अउर न त का?
पति - हे भगवान ! अउर हम आज तक उ औरत के केतना गलत समझत रहली …….
पहिलका दोस्त बोलल - तुहरे बीबी के दात के दर्द ठीक भयल कि न?
दुसरका दोस्त बोलल - हां, डॉक्टर के दिखवते ठीक हो गयल।
पहिलका दोस्त हैरानी से पूछल - अच्छा, कवन दवा से ?
दूसरका दोस्त बतईले - दवा वगैरा कुछ न। बस, डॉक्टर बतईले कि इ बुढ़ापे के निशानी बा, अउर उ दिन के बाद उ कबो दर्द के शिकायत ही न कईल|
तु आज खाना बनइले में फिर देर लगा दहलू। हम बाहर होटल में खा लईब । हमरे खातीं खाना मत बनाया।
पति गुस्से में बोलला ह।
बस पांच मिनट चाहि। पत्नी की आवाज आईल ।
का पांच मिनट में खाना बन जाई। पति पुछल।
न, तबले हम आपके साथ चले खातीं तैयार हो जा्ई …. ।
प्रश्न - कुत्ता शादी काहें न करन ?
उत्तर - काहें से की उ पहिले से कुत्ता के जिंदगी जियत रहले …..
संता अपने खेत में गयल रहल ह। वहां कुंए के जगत पे बईठल एक मेंढ़क से ओकर बहस हो गईल |
मेंढ़क - तुहरे पास दिमाग न बा।
संता - सही |
मेंढ़क - न बा हो |
संता - सही में |
मेंढ़क - न बा, न बा, न बा …..
अउर इतना कह के मेढक कुआ में कूद गयल।
संता - अरे न बा त न बा त इ में खुदकुशी कईले वाली का बात ह ……




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