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तीन दिन में एक बेर भोजन कर अउर तीन-चार शादी कर ले।……..








डॉक्टर बोलल मरीज से - का आप जानत बातिन कि शराब एक धीमा जहर बा? इ आप के धीरे धीरे एक दिन मार डाली |
मरीज बोलल - ठीक बा, हम हूँ के मरले के जल्दी न बा |

एक आदमी घनघोर तपस्या कइल अउर शिवजी के प्रसन्न कर लहल। शिवजी बोलन - बेटा, हम तुहसे बहुत खुश हई | कौनो वरदान मागा।
भक्त बोलल - प्रभु, हमके एक गिटार दे दा।
गिटार ! कइसन गधा बा। शिवजी ने सोचनय । केहू गिटार के खातिन तपस्या करेला |
बोललं - बेटा, तू बड़ी तपस्या कइले कुछ बड़ा मांग। चिन्ता मत कर, सब कुछ मिली |
भक्त बोलल - न प्रभु, हमय खली एक गिटार चाही बस !
शिवजी समझावे लागलं - बेटा, कुछ ढंग का मांग। हमरे रेपुटेशन क त खयाल करा । गिटार भी कौनो मगले क चीज बा भला।
लेकिन भक्त भी जिद पे अड्ल रहल, बोलल - न प्रभु, अगर देवे के बा बस गिटार ही दा !
अब शिवजी के गुस्सा आ गयल, बोलल - गिटार ! गिटार ! गिटार ! अबे अगर गिटार हमरे पास हो त हम डमरू काहें बजावत फिरती . …………… !




मोहन बोलल : यार कौनो अइसन उपाय बताव कि हम सौ साल तक जिंदा रही |
गोपाल बोलल : बहुत आसान बा। तीन दिन में एक बेर भोजन कर अउर तीन-चार शादी कर ले।
मोहन बोलल : का अईसे सौ साल तक जिंदा रहब ?
गोपाल बोलल : न, लेकिन यह से तू जल्दी ही सौ साल के लगे लगबा……..!

एक डॉक्टर के घर में पाइप टूट गयल | उ एक प्लम्बर के बुलवईल प्लम्बर आयल , उ ओके अपने बैग से औजार निकलय , थोड़ी देर ठोकपीट करके पाइप जोड़ल अउर डॉक्टर के 2000 रु. क बिल थमा देहलय।
बिल देखके डॉक्टर साहब एकदम आपे से बाहर हो गईनय - इ का मजाक बा ? एक प्लम्बर होके तुहार फीस इतना ज्यादा बा जबकि हम एक डॉक्टर होवले के बावजूद एतना फीस न लेती….. ?
प्लम्बर ने शांतिपूर्वक जवाब दिहलय - जब हम डॉक्टर रहली तब हम हूँ ना लेत रहली…… !







Ravi singh
Fajabad (U.P.)

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admin

One Response to “ तीन दिन में एक बेर भोजन कर अउर तीन-चार शादी कर ले।…….. ”

  1. जब हम डॉक्टर रहली तब हम हूँ ना लेत रहली…… ! ha ha ha ha ha ha

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