पुरबिया बयार
ई-भोजपुरिया(पूरबिया बयार) पर आप लोगो का बहुत बहुत स्वागत है.यहाँ पर पूरबिया सभ्यता(Bhojpuri Culture), परम्परा, गीत-संगीत(Bhojpuri Song), लोकगीत, कथानक, आदि बिषयों से जुड़ सकते हैं.
ई-भोजपुरिया टीम ने सम्पूर्ण भोजपुरी भाषा (Bhojpuri) का प्रयोग नही किया है.कहीं पर अवधी, कहीं पर खिचडी, कहीं पर ब्रज, और कहीं पर भोजपुरी भाषा (Bhojpuri)का प्रयोग किया है.कुछ बिषयों पर हमने अंग्रेजी भाषा का भी प्रयोग किया है, क्यों की कुछ ऐसे लोग भी है जिन्हें भोजपुरी तो नही आती परन्तु भोजपुरी (Bhojpuria)को जानना, सुनना अच्छा लगता है.इसलिए उनकी मदद के लिए हमने अंग्रेजी भाषा का भी प्रयोग किया है.
भोजपुरी उत्तर-मध्य और पूर्वी भारत में बोली जाने वाली क्षेत्रीय भाषा है.यह प्रायः बिहार राज्य के पश्चमी भाग, झारखण्ड राज्य के उत्तर-पश्चिमी भाग तथा उत्तर-प्रदेश के पूर्वांचल प्रभाग में बहुतायत बोली जाने वाली भाषा है.इतना ही नही भोजपुरी गुवाना,सूरीनाम, फिजी, त्रिनिदाद, टोबैगो, आदि देशों में भी बोली जाती है.भोजपुरी में संस्कृत, हिन्दी, उर्दू, और दूसरी इंडो-आर्यन भाषा की शब्दावली प्रयोग होती है.
भारतीय दैनिक समाचार पत्र टाईम्स आफ इंडिया के अनुसार, सिर्फ़ उत्तर-प्रदेश में ही ७ करोड़ लोग भोजपुरी (Bhojpuria)बोलते है, तथा बिहार में भोजपुरी बोलने वालों की संख्या ८ करोड़ की है.बाहरी प्रदेशों और विदेशों में भोजपुरी बोलने वालो की संख्या ७० लाख के आस-पास है.
भोजपुरिया, पूरब ने महान राजनीतिज्ञों, समाजसेवियों, कबियों को जन्म दिया, जिनका नाम आज भी भारतीय इतिहास के सुनहरे पन्नो में दर्ज है.जिसमे गौतम बुद्ध, भारत के प्रथम राष्ट्रपति डा.राजेंद्र प्रसाद, डा. कृष्ण देव उपाध्याय, जय प्रकाश नारायण,पूर्व प्रधानमंत्री श्री चंद्रशेखर आदि है.
हिन्दी साहित्य के जनक भारतेंदू हरिश्चंद महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद,महावीर प्रसाद द्विवेदी आदि कैफी आजमी,राहुल साकृत्यायन,जयशंकर प्रसाद,कबीर आदि लोग पूरब में ही पैदा हुए जिनकी प्राथमिक और द्वितियक भाषा भोजपुरी ही थी!
भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर भी भोजपुरी भाषा के अहम पुरोधा जाने जाते है.





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